कंप्यूटर वायरस क्या हैंं | What is Computer virus in hindi 2022

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What is computer virus in hindi computer virus का नाम कम्प्यूटर के किसी भी उपयोगकर्त्ता को भयभीत करने के लिए पर्याप्त है। संसार का कोई ऐसा कम्प्यूटर न होगा जो computer virus के संक्रमण से सुरक्षित होगा। वायरस कई तरह से कंप्यूटर को प्रभावित करते हैं तथा इनके विभिन्न प्रकार है। इन्हें समाप्त करने के लिए कई प्रोग्राम आते हैं। इस पोस्ट के माध्यम से हम computer virus के बारे में पर्याप्त मात्रा में हम सूचना ग्रहण करेंगे।

कंप्यूटर वायरस क्या हैंं | What is Computer virus in hindi
कंप्यूटर वायरस क्या हैंं | What is Computer virus in hindi

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कंप्यूटर वायरस क्या हैंं | What is computer virus in hindi

कंप्यूटर वायरस क्या हैंं | What is computer virus कंप्यूटर वायरस संजीव है या निर्जीव है। यदि यह सजीव नहीं है तो क्या है? आइए इस नए में यही जानते हैं कि कंप्यूटर वायरस क्या हैंं | What is computer virus in hindi वायरस क्या है? यह कम्प्यूटर को किस प्रकार संक्रमित करता है?

आम तौर पर जब कम्प्यूटर क्षेत्र में वायरस को बात आती है तो गलती से हम उस वायरस कल्पना कर लेते हैं जो हमें प्रायः ज्वर तथा दूसरी बीमारियों से ग्रस्त करता रहता है।

वास्तवि यह नहीं है। कम्यूटर वायरस कोई सजीव जीवाणु नहीं है जो हमारे शरीर को प्रभावित करता है। कम्प्यूटर में वायरस का नाम इसके कुछ महत्वपूर्ण लक्षणों के कारण दिया गया है।

कंप्यूटर वायरस क्या हैंं | What is Computer virus in hindi
कंप्यूटर वायरस क्या हैंं | What is Computer virus in hindi

कम्प्यूटर वायरस एक छोटा प्रोग्राम होता है जो जब कम्प्यूटर में प्रवेश करता है, यह इसके पूर्व स्थापित (pre-installed) प्रोग्राम्स में सम्मिलित होकर इसके कार्यों में बाधा डालने का प्रयास करता है

Computer virus यह निम्नलिखित प्रकार से कम्प्यूटर को प्रभावित करता है।

  • कम्प्यूटर में उपयोगी सूचनायें नष्ट होना।
  • डायरेक्ट्री में बदलाव करना।
  • हार्ड डिस्क व फ्लॉपी डिस्क को फॉर्मेट करना।
  • कम्प्यूटर की स्पीड कम कर देना।
  • की-बोर्ड की कोन (keys) का कार्य बदल देना।
  • प्रोग्राम तथा अन्य फाइल्स का डाटा बदल देना।
  • फाइलों को क्रियान्वित होने से रोक देना।
  • स्क्रीन पर बेकार की सूचनायें देना।
  • बूट सेक्टर में प्रविष्ट होकर कम्प्यूटर को कार्य न करने देना।
  • फाइलों के आकार तथा स्ट्रक्चर को परिवर्तित कर देना।
  • जब किसी वायरस युक्त प्रोग्राम को क्रियान्वित (execute) किया जाता है तो यह कम्प्यूटर की प्राइमरी मेमोरी में क्रियान्वित होता है।

कंप्यूटर वायरस का इतिहास (History of computer virus )

किसी भी चीज का इतिहास जानना बड़ा रोचक होता है। आइए इस खण्ड में हम जानते हैं कि computer virus का इतिहास क्या है? ( What is history of computer virus ?) वायरस शब्द का प्रयोग सर्वप्रथम कॅलिफोर्निया विश्वविद्यालय के एक विद्यार्थी फ्रेंड कोहेन (Fred Cohen) ने अपने शोष पत्र में किया था।

कंप्यूटर वायरस क्या हैंं | What is Computer virus in hindi 2022

उस विद्यार्थी ने अपने शोधपत्र में यह दर्शाया था कि कैसे कम्प्यूटर प्रोग्राम लिखा जाये जो कम्प्यूटर में एन्टर करके उस के सिस्टम पर आक्रमण करे, ठीक उसी प्रकार जिस प्रकार वायरस हमारे शरीर में घुसकर इसे संक्रमित करता है।

सर्वप्रथम कम्प्यूटर वायरस को ढूँढना अत्यन्त ही कठिन है। इसके बारे में लोगों को 1980 के दशक तक पता नहीं था तथा लोग इस बात को भी अस्वीकार करते थे कि इस तरह का कोई प्रोग्राम होता है जो कम्प्यूटर को बाधा पहुँचा सकता हो।

आधुनिक कायरस में (C) Brain नाम का पहला वायरस माना जाता है जो पूरे विश्व में बड़े स्तर पर फैला था। इस वायरस का एक समाचार का रूप मिला था

कंप्यूटर वायरस फैलता कैसे है (How computer virus Spreads)

Computer virus के बारे में, इसके इतिहास तथा कार्यप्रणाली के बारे में जानने का उद्देश्य इससे बचाव ही होता है। इससे बचाव के लिए यह जानना भी आवश्यक है कि computer virus फैलने के संभावित कारण क्या है? (What are the potential reasons of spreading computer virus viruses ? )

Computer virus संक्रमण के कई कारण हो सकते है। इसके संक्रमण के मुख्य कारण इस प्रकार हैं

पाइरेटेड सॉफ्टवेयर से (Using A Pirated Software) :- जब कोई सॉफ्टवेयर गैर कानूनी ढंग से प्राप्त किया गया हो, तो इसे चोरी की गई (Pirated) सॉफ्टवेयर कहते हैं। पाइरेटेड सॉफ्टवेयर प्रायः वायरस संक्रमित पाया जाता है चूँकि यह अनाधि कृत स्रोत (unauthentic sources) से प्राप्त किया होता है।

नेटवर्क सिस्टम से (Through Network System) :- नेटवर्क पर जब कोई क्लाइन्ट (Client) संक्रमित हो जाता है तथा यह दूसरे क्लाइन्ट के साथ शय है तब यह पूरे नेटवर्क पर वायरस के संक्रमण का कारण बनता है।

द्वितीयक संग्रह माध्यम से (Through Secondary Storage Device) :- जब कोई डाटा किसी संक्रमित द्वितीयक संग्रह माध्यम से स्थानांतरित या कॉपी किया जाता है तो उसका वायरस भी उसमें स्थानांतरित हो जाता है तथा संक्रमण का कारण बनता है।

इन्टरनेट से (Through Internet) :- आज इन्टरनेट को वायरस संक्रमण का मुख्य वाहक (Carrier) माना जाता है। वायरस निर्माता भी इन्टरनेट का प्रयोग वायरस फैलाने के लिए व्यापक रूप से कर रहे हैं।

कम्प्यूटर वायरस के प्रकार (Types of Computer Virus)

वायरस को बहुत सारे वर्गों में विभाजित किये जा सकते हैं। यहाँ पर उनका वर्गीकरण उनके प्रभावित
करने की विधि के आधार पर किया गया है। ये निन्मलिखित हैं –

यूट सेक्टर वायरस (Boot Sector Virus) – इस प्रकार के वायुरस फ्लॉपी तथा हार्डडिस्क के बूट सेक्टर में स्टोर होते हैं। जब कम्प्यूटर को प्रारम्भ करते हैं, तब यह ऑपरेटिंग सिस्टम के लोड होने में बाधा डालते हैं और यदि किसी तरह ऑपरेटिंग सिस्टम कार्य करने लगता है, तब यह कम्प्यूटर के अन्य स्टोरेज डिवाइसेज़ को प्रभावित करने लगते है।

पार्टिशन, टेबल वायरस (Partition Table Virus)- इस प्रकार के वायरस हार्ड डिस्क को पाटॉशन टेबल (Partition table) को नुकसान पहुँचाते हैं। इनसे कम्प्यूटर के डाटा को कोई डर नहीं होता। यह हार्ड डिस्क के मास्टर बूट रिकॉर्ड (Master Boot Record) को प्रभावित करते हैं तथा निम्नलिखित परिणाम उत्पन्न करते हैं.

  • यह मास्टर बूट रिकॉर्ड के उच्च प्राथमिकता वाले स्थान पर अपने आप को क्रियान्वित (execute) करते हैं।
  • यह रैम (RAM) की क्षमता को कम कर देते हैं।
  • यह डिस्क की 1/6 स्ट्रीम को प्रभावित करता है, जिसके कारण I/O प्रोग्राम में त्रुटि उत्पन्न
    हो जाती है।

फाइल वायरस (File Virus) :- इस प्रकार के वायरस एग्जिक्यूटेबिल फाइलों के साथ सम्मिलित हो जाते हैं। जब EXE फाइल एरिजक्यूट होती हैं, तब वायरस भी एग्जिक्यूटेबिल होकर कम्प्यूटर सिस्टम को प्रभावित करते हैं।

गुप्त वायरस (Stealth Virus) :- गुप्त वायरस अपने नाम के अनुसार कम्प्यूटर में यूजर से अपनी पहचान छिपाने की हर संभव प्रयास करते हैं।

पॉलिमॉर्फिक वायरस (Polymorphic Virus):- यह वायरस अपने आप को बार-बार बदलने की क्षमता रखते हैं ताकि प्रत्येक संक्रमण वास्तविक संक्रमण से बिल्कुल अलग दिखे। ऐसे वायरस को रोकना अत्यन्त कठिन होता है क्योंकि प्रत्येक बार वे बिल्कुल अलग होते हैं।

मैक्रो वायरस (Macro Virus):- मैको वायरस विशेष रूप से कुछ विशेष प्रकार के फाइल जैसे डॉक्यूमेन्ट, स्प्रेडशीट इत्यादि की क्षतिग्रस्त करने के लिए होते हैं। मैक्रो वायरस, मैक्रों प्रोग्राम के रूप में छिपे होते हैं तथा प्रयोग किए जाने पर डाटा को नुकसान पहुँचाते हैं।

कंप्यूटर वायरस क्या हैंं ?

कंप्यूटर वायरस संजीव है या निर्जीव है। यदि यह सजीव नहीं है तो क्या है? आइए इस नए में यही जानते हैं कि कंप्यूटर वायरस क्या हैंं | What is computer virus in hindi वायरस क्या है? यह कम्प्यूटर को किस प्रकार संक्रमित करता है?

Computer virus किस प्रकार से कम्प्यूटर को प्रभावित करता है।

Computer virus निन्म प्रकार से कम्प्यूटर को प्रभावित करता है।
कम्प्यूटर में उपयोगी सूचनायें नष्ट होना।
डायरेक्ट्री में बदलाव करना।
हार्ड डिस्क व फ्लॉपी डिस्क को फॉर्मेट करना।
कम्प्यूटर की स्पीड कम कर देना।
की-बोर्ड की कोन (keys) का कार्य बदल देना।
प्रोग्राम तथा अन्य फाइल्स का डाटा बदल देना।
फाइलों को क्रियान्वित होने से रोक देना।
स्क्रीन पर बेकार की सूचनायें देना।
बूट सेक्टर में प्रविष्ट होकर कम्प्यूटर को कार्य न करने देना।
फाइलों के आकार तथा स्ट्रक्चर को परिवर्तित कर देना।
जब किसी वायरस युक्त प्रोग्राम को क्रियान्वित (execute) किया जाता है तो यह कम्प्यूटर की प्राइमरी मेमोरी में क्रियान्वित होता है।

कंप्यूटर वायरस का इतिहास (History of computer virus )

किसी भी चीज का इतिहास जानना बड़ा रोचक होता है। आइए इस खण्ड में हम जानते हैं कि computer virus का इतिहास क्या है? ( What is history of computer virus ?) वायरस शब्द का प्रयोग सर्वप्रथम कॅलिफोर्निया विश्वविद्यालय के एक विद्यार्थी फ्रेंड कोहेन (Fred Cohen) ने अपने शोष पत्र में किया था।

कम्प्यूटर वायरस के प्रकार (Types of Computer Virus)

वायरस को बहुत सारे वर्गों में विभाजित किये जा सकते हैं। यहाँ पर उनका वर्गीकरण उनके प्रभावित
करने की विधि के आधार पर किया गया है। ये निन्मलिखित हैं –
यूट सेक्टर वायरस (Boot Sector Virus) – इस प्रकार के वायुरस फ्लॉपी तथा हार्डडिस्क के बूट सेक्टर में स्टोर होते हैं। जब कम्प्यूटर को प्रारम्भ करते हैं, तब यह ऑपरेटिंग सिस्टम के लोड होने में बाधा डालते हैं और यदि किसी तरह ऑपरेटिंग सिस्टम कार्य करने लगता है, तब यह कम्प्यूटर के अन्य स्टोरेज डिवाइसेज़ को प्रभावित करने लगते है।

Conclusion – कंप्यूटर वायरस क्या हैंं | What is computer virus in hindi

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Surya Patel

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